Tata Steel's Financial Performance: टाटा स्टील का शानदार वित्तीय प्रदर्शन, नीलाचल इस्पात निगम के विस्तार को मिली हरी झंडी

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के बावजूद टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के बावजूद टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में एक मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 2,385 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2007 करोड़ रुपये था। केवल भारतीय परिचालन (Indian Operations) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4,668 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, कंपनी के समेकित एबिडा (EBITDA) में भी सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर 9,370 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
पहली तिमाही में टाटा स्टील की समेकित आय 60,794 करोड़ रुपये रही। हालांकि, यह पिछली तिमाही के 63,270 करोड़ रुपये से थोड़ी कम है, लेकिन चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच कंपनी का परिचालन प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। भारत में कंपनी का एबिडा मार्जिन 27 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि प्रति टन एबिडा बढ़कर 19,162 रुपये पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3,255 रुपये अधिक है। भारतीय कारोबार से कंपनी को 36,989 करोड़ रुपये का राजस्व और 9,908 करोड़ रुपये का एबिडा प्राप्त हुआ। हालांकि, मेरामंडली और कलिंगानगर संयंत्रों में नियमित रखरखाव कार्य के कारण पहली तिमाही में उत्पादन और डिलीवरी पर आंशिक असर पड़ा। इस दौरान भारत में कच्चे इस्पात का उत्पादन 57.6 लाख टन और डिलीवरी 51.7 लाख टन रही। कंपनी का अनुमान है कि आगामी तिमाहियों में उत्पादन पुनः सामान्य स्तर पर लौट आएगा।



















