Corruption Exposed in Uttarakhand: उत्तराखंड के सितारगंज तहसील में रिश्वत का खेल बेनकाब, संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक रंगेहाथ गिरफ्तार

सितारगंज (ऊधम सिंह नगर) से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान ने तहसील सितारगंज में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की।
सितारगंज (ऊधम सिंह नगर) से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान ने तहसील सितारगंज में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने भूमि कुर्की के आदेश को समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त करने और केसीसी ऋण से संबंधित आरसी की कार्रवाई खत्म कराने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तहसील में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा उसके कार्य के बदले रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत में यह भी कहा गया कि भूमि कुर्की आदेश समाप्त करने के लिए 10 हजार रुपये और शिकायतकर्ता की पत्नी के केसीसी ऋण पर जारी आरसी की कार्रवाई खत्म कराने के लिए छह हजार रुपये की मांग की गई थी। इस शिकायत के सत्यापन के बाद, पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
बुधवार को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार तहसील परिसर में कार्रवाई की गई। इस दौरान विजिलेंस टीम ने संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को शिकायतकर्ता से आठ हजार रुपये और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को छह हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया। अचानक हुई इस गिरफ्तारी से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद कर्मचारी तथा फरियादी मामले की जानकारी लेने के लिए एकत्रित हो गए। विजिलेंस अधिष्ठान ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।


















