Mainpuri Incident: छात्रा को तमंचे के बल पर अगवा किया गया

मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र में 27 जुलाई को एक छात्रा को दो मनचलों ने तमंचे के बल पर अगवा कर लिया। यह घटना उस समय हुई जब छात्रा स्कूल से लौट रही थी। आरोपियों ने
मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र में 27 जुलाई को एक छात्रा को दो मनचलों ने तमंचे के बल पर अगवा कर लिया। यह घटना उस समय हुई जब छात्रा स्कूल से लौट रही थी। आरोपियों ने छात्रा को एक रेस्तरां में ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ की और जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उसकी पिटाई भी की। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शहर के एक इंटर कॉलेज में पढ़ती है। 27 जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे, जब स्कूल की छुट्टी हुई, तब वह ई-रिक्शा से घर लौट रही थी। स्कूल से थोड़ी दूर पहुंचने पर, साहिल और रिहान नाम के दो युवक, जो महमूद नगर के निवासी बताए जा रहे हैं, ने ई-रिक्शा को रुकवाकर छात्रा को अगवा कर लिया। आरोप है कि दोनों युवक छात्रा को जान से मारने की धमकी देते हुए अपने साथ ले गए। उन्होंने छात्रा को ज्योति टॉकीज के पास एक रेस्तरां में ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसकी पिटाई भी की। करीब चार घंटे तक छात्रा को बंधक बनाकर परेशान किया गया। मनचलों ने छात्रा को यह भी धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में अपने घरवालों को बताया, तो उसे और उसके परिवार को जान से मार देंगे। घटना की सूचना मिलने पर छात्रा के पिता ने तुरंत कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों साहिल और रिहान के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। क्षेत्राधिकारी एके सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
इस घटना ने मैनपुरी में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यह घटना न केवल पीड़िता के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को अधिक सक्रिय होना चाहिए। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं।

















