Farmers' Challenges in Bihar: किसानों की मुश्किलें बनीं वैज्ञानिकों का मिशन, पूसा में तैयार होगा खेती सुधार का रोडमैप

बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति (zreac)-20
बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति (ZREAC)-2026 की बैठक ने किसानों की समस्याओं को सीधे कृषि वैज्ञानिकों की प्रयोगशाला तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस बैठक में 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को साझा किया। किसानों ने कीट-रोग, बीज, सिंचाई, मिट्टी की उर्वरता और बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। यह बैठक विद्यापति सभागार में हुई, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दे विश्वविद्यालय के शोध एजेंडे का आधार बनेंगे। उनका कहना था कि केवल प्रयोगशाला में सीमित शोध करने के बजाय, खेतों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार काम करना आवश्यक है।
बैठक में विभिन्न जिलों से आए किसानों और प्रसार परिषद के सदस्यों ने कृषि से संबंधित समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। किसानों ने फसलों में बढ़ते कीट और रोग प्रकोप, गुणवत्तापूर्ण बीज की कमी, सिंचाई संकट, मिट्टी की घटती उर्वरता, बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव और जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। मुख्य सत्र में जिला वार किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी अपने क्षेत्र की कृषि स्थिति से अवगत कराया। इस बैठक में सामने आई सभी समस्याओं को संकलित किया गया, ताकि उन्हें उचित समाधान प्रदान किया जा सके।



















