Delayed FRS Registration: भागलपुर में 1.65 लाख बच्चे अब भी अनरजिस्टर्ड

भागलपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (frs) आधारित डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को लागू करने में भारी देरी हो रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरु
भागलपुर जिले के सरकारी विद्यालयों में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) आधारित डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को लागू करने में भारी देरी हो रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के चार महीने बीत जाने के बाद भी, 2,021 सरकारी स्कूलों में यह प्रणाली अभी तक प्रभावी नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 5,33,915 विद्यार्थियों में से केवल 3,68,894 बच्चों का ही एफआरएस पंजीकरण हो सका है, जो कि लगभग 69 प्रतिशत है। इस स्थिति के कारण 1,65,021 बच्चे, जो कि लगभग 31 प्रतिशत हैं, अब भी अनरजिस्टर्ड हैं। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि शिक्षा विभाग के निर्देशों के बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में गंभीर कमी है। वर्तमान में, जिले के केवल 2 प्रतिशत विद्यालयों में ही ट्रायल मोड पर उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि शेष 98 प्रतिशत स्कूलों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है।
शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा बार-बार शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मानिटरिंग की कमी के कारण प्रधानाध्यापकों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षकों के पंजीकरण की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। जिले में कुल 17,238 शिक्षकों में से 16,891 शिक्षकों का एफआरएस पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि केवल 347 शिक्षक ही अनरजिस्टर्ड हैं। इस प्रकार, छात्रों के मामले में उदासीनता बरती जा रही है, जिससे यह योजना अधर में लटक गई है।


















