Cruise on Ganga: गंगा की लहरों में कजरी की क्लास, युवाओं ने सीखी संगीत की बारीकियां

गंगा की लहरों और रिमझिम फुहारों के बीच, प्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने एक अनोखी कजरी क्लास का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के युवा संगीत
गंगा की लहरों और रिमझिम फुहारों के बीच, प्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने एक अनोखी कजरी क्लास का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के युवा संगीतकारों ने भाग लिया, जिन्होंने मिर्जापुर के कजरी के ह्रदयस्थल में लग्जरी क्रूज पर सवारी करते हुए कजरी, दादरा, झूला और ठुमरी जैसे लोक संगीत की बारीकियों को सीखा। यह पांच दिवसीय कार्यशाला ''रिमझिम बरसे बदरिया'' का चौथा दिन था, जिसमें बारिश ने माहौल को और भी रूहानी बना दिया। मंगलवार को, मालिनी अवस्थी ने अपने लोक धुनों के माध्यम से नवांकुर गायकों में संगीत का मधुर बयार घोल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्राकृतिक वातावरण में ले जाकर कजरी की बारीकियों से परिचित कराया, जिससे सभी को एक अद्वितीय अनुभव प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवा कलाकारों को भारतीय लोक संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ना और उन्हें इस कला में निपुण बनाना है।
कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागियों ने न केवल संगीत की तकनीकी बारीकियों को सीखा, बल्कि उन्होंने एक दूसरे के साथ संवाद स्थापित करने और सामूहिक रूप से संगीत बनाने का भी अनुभव किया। मालिनी अवस्थी ने बताया कि संगीत केवल एक कला नहीं है, बल्कि यह भावनाओं और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने संगीत के माध्यम से अपनी पहचान बनाएं और भारतीय संगीत की धारा को आगे बढ़ाएं। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर पाया और उन्होंने इस अनुभव को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना।

















