Governor's Address: गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में आनंदीबेन पटेल का संबोधन

गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल राज्यपाल नहीं, बल्कि ए
गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षा समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह केवल राज्यपाल नहीं, बल्कि एक मां की तरह भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन के महत्व पर जोर दिया। कुलाधिपति ने समारोह से पहले विश्वविद्यालय के छात्रावास की रसोई का निरीक्षण किया और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने बताया कि उन्होंने खाद्य तेल का सैंपल लिया है, जिसे स्थानीय स्तर पर और लखनऊ में स्वतंत्र जांच के लिए भेजा जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि विद्यार्थियों को शुद्ध और स्वस्थ भोजन मिले, उन्होंने टिफिन व्यवस्था को बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों को अशुद्ध भोजन मिलता है, तो इससे उनके मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों में चल रहे मरम्मत कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले तीन महीनों में सभी कमियों को दूर किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि डिग्री केवल पहचान देती है, जबकि चरित्र सम्मान दिलाता है। विद्यार्थियों को अपने शिक्षा और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गोरखपुर की धरती की महानता का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से अंत्योदय की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।



















