Himachal: हाईकोर्ट ने जेओए लाइब्रेरी भर्ती में देरी पर सख्त रुख अपनाया

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) लाइब्रेरी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाय
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) लाइब्रेरी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने अगली सुनवाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की, तो उत्तरदाता को 10 हजार रुपये का हर्जाना अदा करना होगा। यह हर्जाना राशि शिमला स्थित आईजीएमसी के पुअर पेशेंट ट्रीटमेंट फंड में जमा कराई जाएगी। अदालत ने यह आदेश जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जारी किए हैं, जो कि इस भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर उठाए गए सवालों पर आधारित है।
इस मामले में अदालत ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी के कारणों का खुलासा करे और स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। अदालत ने कहा कि यह मामला न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है, बल्कि इससे छात्रों और अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी असर पड़ता है। खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि सरकार समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराती है, तो यह न केवल अदालत के प्रति अवमानना होगी, बल्कि इससे प्रभावित लोगों के अधिकारों का भी उल्लंघन होगा।



















