Inspection of Bihar Law Colleges: बार काउंसिल की सख्ती से मान्यता पर संकट

मुजफ्फरपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी विधि शिक्षण संस्थानों का भौतिक निरीक्षण जल्द ही किया जाएगा। बार काउंसि
मुजफ्फरपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी विधि शिक्षण संस्थानों का भौतिक निरीक्षण जल्द ही किया जाएगा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस संबंध में एक विशेष निरीक्षण दल का गठन करने का निर्णय लिया है। बार काउंसिल के प्रधान सचिव श्रीमंतो सेन ने विश्वविद्यालय के कुलपति, डीन और रजिस्ट्रार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी लॉ कॉलेजों में विधिक शिक्षा के नियमों का पालन किया जा रहा है। बार काउंसिल ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि वह अपने सभी संबद्ध और घटक लॉ कॉलेजों का तुरंत सत्यापन करे। निरीक्षण टीम कॉलेजों में संकाय सदस्यों की उपलब्धता, कक्षाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, मूड कोर्ट (वाद-विवाद कक्ष) और परिसर के भवनों की स्थिति की जांच करेगी। इसके साथ ही अग्निशामक सुरक्षा, स्वच्छता, कानूनी सहायता क्लीनिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड का भी पूरा सत्यापन किया जाएगा।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी लॉ कॉलेज नियमों के विरुद्ध तरीके से सप्ताहांत, शाम की या शिफ्ट आधारित कक्षाएं संचालित नहीं कर रहा है। बार काउंसिल के अनुसार, नियमित पाठ्यक्रम वही माना जाएगा जो प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे और प्रति सप्ताह न्यूनतम 30 घंटे संचालित होता हो। इस प्रकार की किसी भी अनधिकृत व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है। विश्वविद्यालय को काउंसिल का पत्र मिलने के छह सप्ताह के भीतर पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न कर रिपोर्ट भेजनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों को पूर्ण अनुपालन करने वाले, गैर-नवीनीकरण और संबद्धता रद्द करने योग्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।



















