Jammu: जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में नशे के खिलाफ पाठशाला, पीएम की अपील के बाद बच्चों को किया जाएगा जागरूक

प्रधानमंत्री की अपील के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों को नशे के खतरे से बचाने के लिए एक विशेष मुहिम की शुरुआत की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों म
प्रधानमंत्री की अपील के बाद जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों को नशे के खतरे से बचाने के लिए एक विशेष मुहिम की शुरुआत की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान 10 मिनट का विशेष जागरूकता सत्र अनिवार्य कर दिया है। इस सत्र में बच्चों और किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा और उन्हें इससे बचने के उपाय सुझाए जाएंगे। यह व्यवस्था सरकारी, निजी, पीएम श्री, मॉडल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और आवासीय स्कूलों में लागू की जाएगी। प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, स्वस्थ जीवनशैली और तनाव प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, हर स्कूल में मासिक रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, नशामुक्ति विशेषज्ञ, अभिभावक और पूर्व छात्र विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस मुहिम के तहत हर माह पहले कार्यदिवस पर शपथ, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में नार्को टेरर एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों को नशे के तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। हाल ही में हुई जांच में यह सामने आया है कि तस्कर युवाओं को पहले नशे का आदी बनाते हैं और फिर उन्हें नशे की छोटी-छोटी खेप पहुंचाने या नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस प्रकार, यह खतरा अब स्कूली छात्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में, स्कूल शिक्षा विभाग ने नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।



















