Mobile Addiction in Children: AIIMS बताएगा इससे बचने का तरीका

पटना में स्कूली बच्चों में मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत को लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीर कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस दिशा में, पटना
पटना में स्कूली बच्चों में मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत को लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीर कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस दिशा में, पटना जिले के 38 पीएमश्री और 23 मॉडल स्कूलों में विशेष जागरूकता कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल लत के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें इस लत से दूर रखना है। इस अभियान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), पटना का सहयोग लिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि एम्स, पटना ने यह निर्णय लिया है कि वे विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को स्मार्टफोन, इंटरनेट मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत, विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देंगे।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिए एम्स, पटना के प्राध्यापक डॉ. राजीव रंजन को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके समन्वय में जिले के सभी 38 पीएमश्री और 23 मॉडल स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कक्षाओं में मुख्य रूप से नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि विशेष कक्षाओं का आयोजन इस प्रकार किया जाए कि विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई बाधित न हो। इसके साथ ही, विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग, समय प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि समय रहते जागरूकता बढ़ाकर बच्चों को मोबाइल की लत से बचाया जा सकता है।



















