PM Poshan Yojana: झारखंड में कुकिंग कॉस्ट का बजट ठप, बच्चों का भोजन संकट में

झारखंड में पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन पर आर्थिक संकट गहरा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के चार महीने बीत जाने के बा
झारखंड में पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन पर आर्थिक संकट गहरा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के चार महीने बीत जाने के बावजूद राज्य के स्कूलों को अब तक कुकिंग कॉस्ट की राशि आवंटित नहीं की गई है। इस वजह से स्कूलों को मध्याह्न भोजन संचालित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुकिंग कॉस्ट की इस राशि का उपयोग बच्चों के भोजन के लिए ईंधन, हरी सब्जी, दाल, तेल, नमक और मसाले खरीदने के लिए किया जाता है। इस स्थिति के कारण बच्चों का भोजन संकट में आ गया है, जिससे उनके पोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
झारखंड मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने पूर्व में निर्देश जारी किया था कि यदि कुकिंग कॉस्ट की राशि न मिले, तो स्कूल में उपलब्ध अन्य मदों के फंड से भोजन की व्यवस्था की जाए। साथ ही यह सख्त हिदायत भी दी गई है कि किसी भी स्थिति में मध्याह्न भोजन एक दिन के लिए भी बंद नहीं होना चाहिए। हालांकि, अधिकांश स्कूलों के पास अन्य मदों में भी फंड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई के डर से प्रधानाध्यापक और प्रभारी शिक्षक स्थानीय दुकानदारों से उधारी पर राशन, सब्जियां व अन्य सामग्री लेकर भोजन बनवा रहे हैं। लगातार महीनों से भुगतान न होने के कारण अब दुकानदारों ने भी उधार देने से हाथ खींचना शुरू कर दिया है।



















