RTE Seat Allocation Issues: अभिभावक स्कूलों के चक्कर लगाने को मजबूर

ग्रेटर नोएडा से आशीष चौरसिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) के तहत स्कूलों में दाखिला लेने की प्रक्रिया में गंभीर मनमानी देखने को मिल रही है। फ
ग्रेटर नोएडा से आशीष चौरसिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाल शिक्षा अधिकार (आरटीई) के तहत स्कूलों में दाखिला लेने की प्रक्रिया में गंभीर मनमानी देखने को मिल रही है। फरवरी में शुरू हुई इस प्रक्रिया के बाद से अब अगस्त का महीना आ चुका है, लेकिन 4330 आवंटित सीटों में से केवल 3400 बच्चों का ही दाखिला हो पाया है। इस स्थिति ने 870 अभिभावकों को स्कूलों और अधिकारियों के पास बार-बार जाने के लिए मजबूर कर दिया है। जबकि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले जिलाधिकारी मेधा रुपम ने स्कूल प्रबंधनों के साथ मिलकर सख्त निर्देश दिए थे कि सभी बच्चों का दाखिला समय पर किया जाए। इसके बावजूद, अभिभावक अब भी परेशान हैं और यह समस्या हर साल की तरह बनी हुई है।
शिक्षा विभाग ने जिले में आरटीई के तहत दाखिले के लिए तीन राउंड की लाटरी के बाद 4330 सीटें आवंटित की थीं। अब छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभिभावकों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि वे जल्द से जल्द सभी बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करें। लेकिन स्कूलों की मनमानी जारी है। कई अभिभावकों का आरोप है कि अधिकारियों के सामने स्कूल प्रबंधन दाखिला देने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद में मना कर देते हैं। इस स्थिति में अधिकारियों को स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।


















