Supreme Court Hearing on Teacher Recruitment: 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में खाली पदों पर नियुक्ति के लिए यूपी सरकार तैयार

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद के समाधान की उम्मीद जगी है। यह विवाद पिछले छह वर्षों से चल रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट में होने व
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद के समाधान की उम्मीद जगी है। यह विवाद पिछले छह वर्षों से चल रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले प्रदेश सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रखी जाए। इसके साथ ही, संशोधित मेरिट सूची में आने वाले पात्र अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की बात भी कही गई है। यह व्यवस्था केवल इसी भर्ती तक सीमित रखने की अपील की गई है। अब इस भर्ती का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए लिखित पक्ष में सरकार ने भर्ती के पूरे घटनाक्रम को प्रस्तुत किया है। इसके अनुसार, एक दिसंबर 2018 को जारी शासनादेश के तहत परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। भर्ती परीक्षा छह जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी और इसके परिणाम के अनुसार सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित किए गए थे। इस व्यवस्था को इलाहाबाद हाईकोर्ट और बाद में 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया। इस भर्ती में कुल 4,31,466 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 4,09,530 ने परीक्षा में भाग लिया और 1,46,060 सफल हुए। एक जून 2020 को गुणवत्ता अंकों के आधार पर 67,867 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई।



















