Appointment of Assistant Professors: बिहार के 211 डिग्री कॉलेजों में 2451 नए सहायक प्राध्यापक नियुक्त होंगे

पटना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 2,451 संविदा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। ये चयनित प्
पटना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 2,451 संविदा सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। ये चयनित प्राध्यापक 10 अगस्त से अपने-अपने कॉलेजों में पढ़ाना शुरू करेंगे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चयनित प्राध्यापकों को विश्वविद्यालयों के आवंटन और नए डिग्री कॉलेज में योगदान की जानकारी सोमवार को दी जाएगी। यह जानकारी बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। सचिव ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी और कहा कि प्रत्येक प्राध्यापक को आवंटित विश्वविद्यालय की जानकारी सोमवार को प्राप्त होगी। इसके बाद चार अगस्त को चयनित अभ्यर्थियों को आवंटित विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेजों की वरीयता भरने के लिए वेबसाइट लिंक के माध्यम से अपनी प्राथमिकताएं जमा करनी होंगी। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज वरीयता भरने का लिंक विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इसके बाद, सात अगस्त को चयनित उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन और योगदान संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आवंटित विश्वविद्यालय में रिपोर्ट करना होगा। 10 अगस्त को सभी अभ्यर्थियों को संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा आवंटित अपने-अपने कॉलेज में रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। इस दिन उन्हें शिक्षण कार्य हेतु प्रवेश लेना होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अद्यतन जानकारी और आगे के निर्देशों के लिए उच्च शिक्षा विभाग और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की वेबसाइट पर नियमित रूप से जाएं। इसके साथ ही, उन्हें सत्यापन के लिए सभी मूल दस्तावेज और आवश्यक प्रमाण पत्र तैयार रखने की भी सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि सहायक प्राध्यापक (संविदा आधार पर) के 2,535 पदों के लिए 2,451 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जबकि 81 पद अभी भी खाली रह गए हैं। यह नियुक्ति प्रक्रिया राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल शिक्षण गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में भी सहायक सिद्ध होगी।


















