NTA: नौ साल में नहीं बना एनटीए का एक भी परीक्षा केंद्र, किराये के भरोसे व्यवस्था

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पिछले नौ वर्षों में एक भी स्थायी परीक्षा केंद्र स्थापित नहीं किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसी की व्यवस्थाएं पूरी त
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पिछले नौ वर्षों में एक भी स्थायी परीक्षा केंद्र स्थापित नहीं किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एजेंसी की व्यवस्थाएं पूरी तरह से किराए पर निर्भर हैं। प्रधानमंत्री के दबाव, छात्रों के प्रदर्शन और विपक्ष के सवालों के बीच एनटीए ने सुधारों के नए दावे किए हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बहुत दूर है। हाल ही में एनटीए ने टेस्ट सेंटर नेटवर्क एंड ऑपरेशन अधिकारी (जीएम-टीसीएनओ) के लिए विज्ञापन जारी किया है, जिसका कार्य मानक परीक्षा केंद्रों की खोज करना होगा। यह स्थिति एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, क्योंकि यह एजेंसी परीक्षा केंद्रों की कमी के बावजूद अपनी आय में लगातार वृद्धि कर रही है।
एनटीए की आय में लगातार वृद्धि हो रही है, जो इस बात का संकेत है कि एजेंसी परीक्षार्थियों से मिलने वाले आवेदन शुल्क पर निर्भर है। वर्ष 2018 में एनटीए के गठन के समय सरकार ने इसे 25 करोड़ रुपये का प्रारंभिक फंड दिया था। इसके बाद से एनटीए ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क से कमाई करना शुरू किया। एनटीए की आय 2019-20 में 504 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 1117 करोड़ रुपये हो गई है। इस वृद्धि के बावजूद, एनटीए ने परीक्षा केंद्रों की स्थापना में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच निराशा बढ़ रही है।


















