Movie Review: भाई तेरा स्टार है: राघव जुयाल की कॉमेडी ने दिया सिरदर्द, दो घंटे तक दर्शकों के धैर्य की हुई परीक्षा

फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' को देखने के बाद दर्शकों को यह एहसास होता है कि झूठ के सहारे कोई भी फिल्म नहीं बनती। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में बार-बार दर्शकों को हं
फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' को देखने के बाद दर्शकों को यह एहसास होता है कि झूठ के सहारे कोई भी फिल्म नहीं बनती। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में बार-बार दर्शकों को हंसाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। फिल्म में कॉमेडी के नाम पर इतना शोर है कि ऐसा लगता है मानो दर्शक किसी मोहल्ले के झगड़े का हिस्सा बन गए हों। फिल्म का मुख्य पात्र अजय, जिसे राघव जुयाल ने निभाया है, एक लंदन में रहने वाला संघर्षरत अभिनेता है। उसकी कहानी झूठ बोलने के इर्द-गिर्द घूमती है। अजय अपने बार ऑनर फैटी से 10 हजार पाउंड उधार लेने के लिए अपनी बहन के गर्भवती होने और गर्भपात की झूठी कहानी गढ़ता है। वहीं, उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी भी अपने भाई से पैसे लेने के लिए खुद को गर्भवती बताती है। इस तरह फिल्म में झूठ और गलतफहमियों का एक ऐसा चक्रव्यूह बनता है कि दर्शक यह सोचने लगते हैं कि क्या कहानी वास्तव में आगे बढ़ रही है या सिर्फ समय बर्बाद किया जा रहा है। एक रात की कहानी इतनी खिंचती है कि दर्शकों को सुबह होने का इंतजार करने में अधिक रुचि हो जाती है।
राघव जुयाल ने अपने पिछले काम 'किल' में बेहतरीन अभिनय किया था, लेकिन इस फिल्म में उनका प्रदर्शन कहीं खो गया है। कई संवाद ऐसे हैं जो दर्शकों के सामने आते ही दम तोड़ देते हैं। ओवरएक्टिंग की इतनी भरमार है कि दर्शकों को हंसी के बजाय झुंझलाहट का अनुभव होने लगता है। कॉमिक टाइमिंग इतनी खराब है कि पंचलाइन खत्म हो जाती है, लेकिन हंसी शुरू नहीं होती। संजय कपूर, जो फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, पूरी ईमानदारी से फिल्म को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके प्रयासों को भी विफल कर देती है। निहारिका एनएम, विवान भटेना, निकी वालिया, बरखा सिंह, विकल्प मेहता और पार्वती ओमनाकुट्टन जैसे सहायक कलाकार भी अपने-अपने किरदारों में ईमानदारी से काम करते हैं, लेकिन जब किरदार ही अधूरे लिखे गए हों, तो उनका प्रभाव भी सीमित रह जाता है। फिल्म खत्म होने के बाद कोई भी किरदार दर्शकों के मन में नहीं रह जाता।



















