Spider Man- Brand New Day Movie Review: टॉम हॉलैंड ने लगा दी पूरी जान, एक्शन और इमोशन भरपूर पर खटकती है यह बात

फिल्म 'स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे' की कहानी 'नो वे होम' की घटनाओं के चार साल बाद की है, जहां पीटर पार्कर (टॉम हॉलैंड) पूरी तरह से अकेला हो चुका है। डॉक्टर स्ट्
फिल्म 'स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे' की कहानी 'नो वे होम' की घटनाओं के चार साल बाद की है, जहां पीटर पार्कर (टॉम हॉलैंड) पूरी तरह से अकेला हो चुका है। डॉक्टर स्ट्रेंज के जादुई स्पेल के कारण पूरी दुनिया उसे भूल चुकी है, जिसमें उसकी करीबी दोस्त एमजे और नेड भी शामिल हैं। पीटर न्यूयॉर्क के एक छोटे से अपार्टमेंट में अकेले रहने लगा है और अपनी पूरी जिंदगी स्पाइडर-मैन बनकर लोगों की मदद करने में लगा देता है। वह अपने करीबी लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उनसे दूरी बनाए रखता है। इसी बीच, न्यूयॉर्क पर एक नया खतरा मंडराने लगता है। मैक गार्गन, जिसे स्कॉर्पियन के नाम से जाना जाता है, की वापसी होती है और हालात तब और मुश्किल हो जाते हैं, जब हल्क और पनिशर जैसे ताकतवर किरदार भी कहानी का हिस्सा बनते हैं। लेकिन यह फिल्म केवल सुपरहीरो की लड़ाई नहीं दिखाती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पीटर अब एक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर इंसान बनने की कोशिश कर रहा है। आगे की कहानी इसी सफर को आगे बढ़ाती है।
टॉम हॉलैंड इस फिल्म में अपनी एक्टिंग से दर्शकों को प्रभावित करते हैं। उनका पीटर पार्कर पहले से ज्यादा मैच्योर और अकेला नजर आता है। बिना ज्यादा डायलॉग बोले भी वह कई सीन्स में गहरा असर छोड़ जाते हैं। जॉन बर्नथल का पनिशर कम स्क्रीन टाइम में भी अपनी छाप छोड़ता है। जेंडाया का रोल सीमित है, लेकिन उनके और टॉम के साथ वाले सीन्स कहानी को भावनात्मक मजबूती देते हैं। जैकब बैटलन एक बार फिर नेड के किरदार में सहज लगते हैं। भले ही उनका रोल पहले जितना बड़ा नहीं है, लेकिन जब भी वह स्क्रीन पर आते हैं, पुरानी फिल्मों की दोस्ती और अपनापन फिर से महसूस होता है। सैडी सिंक अपने रहस्यमयी किरदार से उत्सुकता बनाए रखती हैं, जबकि मार्क रफेलो की मौजूदगी कहानी को नया डायरेक्शन देती है।



















