Kedareshwar Temple: झांसी का प्राचीन केदारेश्वर मंदिर, जहां अर्जुन ने स्थापित किया था शिवलिंग

बुंदेलखंड की धरती पर स्थित झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र का केदारेश्वर मंदिर, इतिहास, आस्था और रहस्यों की अनगिनत कहानियों का गवाह है। यह प्राचीन मंदिर, जो चंदेलकाल
बुंदेलखंड की धरती पर स्थित झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र का केदारेश्वर मंदिर, इतिहास, आस्था और रहस्यों की अनगिनत कहानियों का गवाह है। यह प्राचीन मंदिर, जो चंदेलकालीन स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण है, सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है।
इस मंदिर का निर्माण दसवीं शताब्दी में चंदेल राजाओं द्वारा कराया गया था। यहां मौजूद दुर्लभ चंदेलकालीन शिवलिंग इसकी ऐतिहासिक विरासत को और भी खास बनाता है। मंदिर की पत्थर की दीवारों और दरवाजों पर की गई बारीक नक्काशी प्राचीन स्थापत्य कला की कहानी सुनाती है। इसके साथ ही, इस मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यता भी इसे विशेष बनाती है।
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर महाभारत काल में अर्जुन ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी कारण केदारेश्वर मंदिर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि पौराणिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी माना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, द्वापरयुग में भगवान श्री कृष्ण के आदेश पर पांडव पुत्र अर्जुन ने स्वयं इस पावन स्थल पर शिवलिंग की स्थापना की थी।
स्थानीय लोगों के बीच एक और रहस्यमयी मान्यता प्रचलित है कि सुबह जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं, तो ऐसा आभास होता है मानो किसी अदृश्य शक्ति ने पहले से ही भगवान शिव की पूजा कर दी हो। सावन के दौरान यहां का नजारा अद्भुत होता है, जब दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु और कांवड़ यात्री पहुंचते हैं।


















