Film 'Sutlej' faces ban: निर्देशक हनी त्रेहान ने गुरुद्वारों से मांगी मदद

निर्देशक हनी त्रेहान की फिल्म 'सतलुज', जिसे पहले पंजाब 95 के नाम से जाना जाता था, को रिलीज हुए एक महीना हो चुका है। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर बोर्ड (cbfc) के स
निर्देशक हनी त्रेहान की फिल्म 'सतलुज', जिसे पहले पंजाब 95 के नाम से जाना जाता था, को रिलीज हुए एक महीना हो चुका है। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ विवाद के बाद जी5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन इसे रिलीज के दो दिन बाद ही भारत में बैन कर दिया गया। फिल्म के बैन होने से मेकर्स को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कई लोग आगे आए, लेकिन निर्देशक ने ऐसा करने से मना कर दिया। हनी त्रेहान ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में बताया कि कई गुरुद्वारों में फिल्म के नुकसान की भरपाई के लिए गुल्लक रखना शुरू किया गया है।
फिल्म 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। रिलीज के बाद फिल्म ने काफी ध्यान खींचा, लेकिन इसका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। 3 जुलाई को रिलीज होने के महज 48 घंटे बाद ही इसे जी5 से हटा दिया गया। बताया गया कि भारत सरकार के निर्देश के बाद फिल्म को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाया गया, जिसके कारण मेकर्स को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा।
हनी त्रेहान ने अपने पोस्ट में लिखा, "हमारी फिल्म 'सतलुज' 3 जुलाई को रिलीज हुई थी, हालांकि सिर्फ दो दिन चली। अब एक महीने से थोड़ा ज़्यादा समय हो गया है। तब से हमें कई संदेश, कॉल, इंस्टाग्राम डीएम और ट्वीट मिल रहे हैं।" उन्होंने बताया कि लोग खालरा परिवार और दिलजीत दोसांझ से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और आर्थिक सहायता की पेशकश कर रहे हैं।
त्रेहान ने कहा कि गुरुद्वारों में गुल्लक रखी गई हैं, जहां शुभचिंतक निर्माता टीम के नुकसान की भरपाई में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। यह भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हो रहा है। उन्होंने इस भाव के लिए सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।


















