The Kid: जैकी का किरदार आज भी क्यों रुलाता है सौ साल बाद?

विश्व सिनेमा में कई किरदार ऐसे हैं जो अपने समय के प्रतिनिधि बन जाते हैं। चार्ली चैपलिन की फिल्म 'द किड' का नन्हा जैकी ऐसा ही एक किरदार है। सिनेमा के पर्दे पर जै
विश्व सिनेमा में कई किरदार ऐसे हैं जो अपने समय के प्रतिनिधि बन जाते हैं। चार्ली चैपलिन की फिल्म 'द किड' का नन्हा जैकी ऐसा ही एक किरदार है। सिनेमा के पर्दे पर जैकी सौ साल से पहले पैदा हुआ था, लेकिन आज भी उसका बचपन करुणा का अपना कथ्य लिख रहा है। बचपन किसी भी समय का हो, वह कभी पुराना नहीं होता है।
जैकी का जन्म कोई उत्सव लेकर नहीं आता है। वह दुनिया में आते ही असुरक्षा, गरीबी और परित्याग का सामना करता है। उसकी मां हालात के दबाव में उसे छोड़ने को विवश हो जाती है। किस्मत उसे ट्रैंप की गोदी में डाल देती है। ट्रैंप और जैकी का संबंध जैविक नहीं है, बल्कि यह मानवीय संबंध दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्ते के रूप में परिपक्व होता है। ट्रैंप और जैकी पिता-पुत्र कम और जीवन-संघर्ष के साथी अधिक हैं।
इन दोनों के बीच अटूट भरोसा है। चार्ली चैपलिन दिखाते हैं कि संवेदनशीलता ऐसा धन है जो इंसान को गरीबी में भी मानवीय बनाए रखता है। जैकी जिज्ञासु, शरारती और परिस्थितियों से जूझना जानता है। उसकी मासूमियत जीवन से भरी हुई है। यही चीज उसे सिनेमा के अन्य बाल पात्रों से अलग बनाती है।
फिल्म का सबसे यादगार दृश्य तब आता है, जब अधिकारी जैकी को ट्रैंप से अलग करने आते हैं। बच्चा रोता है, ट्रैंप उसे बचाने के लिए दौड़ता है और दर्शक अपनी आंखों में आंसू लिए यह महसूस करते हैं कि रक्त संबंधों से अधिक शक्तिशाली भावनात्मक संबंध होते हैं। बिना एक शब्द बोले, चैपलिन ने पितृत्व की सबसे सुंदर परिभाषा लिख दी।


















