Alcohol Addiction and Memory Loss: शराब की लत केवल शरीर ही नहीं, याददाश्त भी छीन रही

गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा किए गए एक अध्ययन में शराब की लत के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का गहरा
गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा किए गए एक अध्ययन में शराब की लत के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का गहरा विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन के अनुसार, शराब की निर्भरता न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और याददाश्त पर भी गंभीर असर डालती है। शोध में शामिल शोधार्थी नीरज यादव ने प्रो. विस्मिता पालीवाल के मार्गदर्शन में 20 से 40 वर्ष के बीच के 100 व्यक्तियों का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया। अध्ययन में पाया गया कि इनमें से 70 प्रतिशत व्यक्तियों में मध्यम स्तर के मनोविकृति संबंधी लक्षण पाए गए, जबकि 16.25 प्रतिशत में गंभीर और 13.75 प्रतिशत में हल्के लक्षण थे। यह दर्शाता है कि लंबे समय तक शराब का सेवन व्यक्ति की मानसिक स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
अध्ययन में यह भी स्पष्ट हुआ कि 100 में से 50 व्यक्तियों में याददाश्त, ध्यान, एकाग्रता और निर्णय क्षमता से जुड़े हल्के संज्ञानात्मक विकार विकसित हो चुके थे। शोध में यह पाया गया कि शराब का सेवन धीरे-धीरे समस्याओं को जन्म देता है, जो समय के साथ गंभीर रूप ले लेती हैं। इस कारण कई लोग सामान्य जीवन जीने, पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने और कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करने में असफल हो जाते हैं। इसके अलावा, शोध में शराब छोड़ने के दौरान आने वाली कठिनाइयों का भी विश्लेषण किया गया, जिसमें आधे से अधिक व्यक्तियों में गंभीर विदड्राल लक्षण पाए गए। 40 प्रतिशत व्यक्तियों में मध्यम स्तर की समस्याएं भी दर्ज की गईं।



















