UK Rainfall: उत्तराखंड में मानसून सीजन के दौरान औसत से कम हुई बारिश, कई जिलों में भारी कमी

उत्तराखंड में इस वर्ष मानसून के दौरान वर्षा की मात्रा औसत से कम रही है। एक जून 2026 से दो अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 590.3 मिमी वर्षा हुई
उत्तराखंड में इस वर्ष मानसून के दौरान वर्षा की मात्रा औसत से कम रही है। एक जून 2026 से दो अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 590.3 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य 624.2 मिमी के मुकाबले 5.4 प्रतिशत कम है। यह कमी प्रदेश के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इससे जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष की कम वर्षा से कृषि और जल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे किसानों की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में सरकार को इस स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम के बिगड़ने की चेतावनी दी है। विशेष रूप से देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, अन्य क्षेत्रों में भी तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में, विशेषकर आठ अगस्त तक, प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है। इससे पहले भी प्रदेश में बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।



















