Blood Donation Milestone: जम्मू-कश्मीर की 'ब्लड वुमन' बिलकीस आरा ने 44वीं बार किया रक्तदान

श्रीनगर से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की 'ब्लड वुमन' के नाम से मशहूर बिलकीस आरा ने 44वीं बार रक्तदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया
श्रीनगर से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की 'ब्लड वुमन' के नाम से मशहूर बिलकीस आरा ने 44वीं बार रक्तदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका यह जज्बा न केवल कश्मीर घाटी में बल्कि पूरे देश में एक मिसाल बन गया है। बिलकीस आरा, जो पेशे से स्वास्थ्य विभाग में ASHA वर्कर हैं और तीन बच्चों की मां हैं, पिछले 13 वर्षों से लगातार रक्तदान कर रही हैं। कुपवाड़ा, सोपोर की निवासी बिलकीस को उनके निस्वार्थ सेवा के लिए 'ब्लड वुमन ऑफ जम्मू-कश्मीर' और 'ब्लड क्वीन' जैसे नामों से भी जाना जाता है। वह Red Drop NGO की वुमन विंग की प्रेसिडेंट भी हैं।
बिलकीस की यह प्रेरणादायक यात्रा एक व्यक्तिगत अनुभव से शुरू हुई थी। 2012 में, उनकी चचेरी बहन की डिलीवरी के बाद स्थिति बिगड़ गई थी और उन्हें श्रीनगर के लाल डेड (LD) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय खून की आवश्यकता थी, लेकिन परिवार में कोई भी रक्तदान के लिए आगे नहीं आया। इस कठिन परिस्थिति में बिलकीस ने पहली बार हिम्मत जुटाकर रक्तदान किया। उन्होंने कहा, 'उस दिन मैंने महसूस किया कि जब अपनों के लिए खून नहीं मिलता, तो कैसा लगता है। उसी दिन मैंने ठान लिया कि जब तक मेरी ताकत है, मैं किसी को खून की कमी से मरने नहीं दूंगी।' इस निर्णय के बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।



















