Bone and Tissue Bank Launched: लखनऊ के KGMU में प्रदेश का पहला बोन एवं टिश्यू बैंक शुरू

लखनऊ में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने प्रदेश का पहला बोन एवं टिश्यू बैंक शुरू कर दिया है, जो उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर
लखनऊ में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने प्रदेश का पहला बोन एवं टिश्यू बैंक शुरू कर दिया है, जो उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैंक की स्थापना से अब मरीजों को हड्डी और अन्य टिश्यू की उपलब्धता के लिए दूसरे राज्यों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह सुविधा विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, कैंसर, गंभीर संक्रमण, जन्मजात हड्डी संबंधी विकारों और जटिल आर्थोपेडिक्स के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। सोमवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस बैंक का शुभारंभ किया, जिसमें दानदाताओं से प्राप्त हड्डियों और अन्य आवश्यक टिश्यू को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इन्हें विभिन्न प्रकार की सर्जरी में प्रत्यारोपित किया जाएगा, जिससे मरीजों की रिकवरी बेहतर होगी।
बोन एवं टिश्यू बैंक की स्थापना से पहले मरीजों को बड़ी हड्डी की क्षति या ट्यूमर के कारण हड्डी निकालने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। कई बार रोगियों के शरीर के दूसरे हिस्से से हड्डी निकालकर प्रत्यारोपण करना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त आपरेशन और जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता था। अब इस बैंक के माध्यम से सुरक्षित संरक्षित बोन ग्राफ्ट उपलब्ध होंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों, कैंसर के कारण हड्डी निकालने वाले मरीजों, रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, ज्वाइंट रिकंस्ट्रक्शन, जटिल फ्रैक्चर और जन्मजात हड्डी विकृतियों के उपचार में मदद मिलेगी। समय पर उपयुक्त बोन ग्राफ्ट मिलने से आपरेशन की सफलता की संभावना बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर परिणाम मिलेंगे।



















