New Surgical Facility: मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में दूरबीन विधि से सर्जरी की शुरुआत

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दूरबीन विधि से सर्जरी की सुविधा शुरू हो गई है। इस नई तकनीक के माध्यम से अब महिलाओं को लेप्रोस्कोपी
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दूरबीन विधि से सर्जरी की सुविधा शुरू हो गई है। इस नई तकनीक के माध्यम से अब महिलाओं को लेप्रोस्कोपी और हिस्टेरोस्कोपी जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध होंगी। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं को बांझपन और गर्भाशय की बीमारियों के लिए महंगे निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एसकेएमसीएच के चिकित्सकों का कहना है कि इस विधि से बड़ा चीरा लगाए बिना ही गर्भाशय की गांठ और बांझपन का सटीक इलाज संभव होगा। पेट में एक छोटा सा छेद करके कैमरे की मदद से सुरक्षित सर्जरी की जाएगी। इस प्रक्रिया में मरीजों का खून बहुत कम बहेगा और टांके का निशान भी न के बराबर रहेगा। इसके परिणामस्वरूप मरीजों को ओपन सर्जरी के बड़े दर्द और लंबे इलाज की प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
पारंपरिक ऑपरेशनों की तुलना में, जहां मरीजों को हफ्तों अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता था, वहीं इस नई विधि से सर्जरी कराने के बाद मरीज केवल 24 से 48 घंटे में स्वस्थ होकर घर लौट सकेंगे। हिस्टेरोस्कोपी तकनीक के माध्यम से बिना किसी चीरे के गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से की सीधी जांच की जा सकेगी। इससे महिलाओं में बांझपन, रसौली और पालिप्स जैसी समस्याओं का तुरंत पता लगाकर इलाज किया जाएगा। इस नई तकनीक के आने से न केवल मरीजों को बेहतर चिकित्सा मिलेगी, बल्कि इससे अस्पताल के संसाधनों का भी बेहतर उपयोग होगा।



















