Landslide in Andal: 24 घंटे बाद भी दहशत बरकरार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग तेज

अंडाल में भू-धंसान के बाद से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को हुए इस भयंकर भू-धंसान ने लगभग 1000 लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। एक रात में सब कुछ बदल ग
अंडाल में भू-धंसान के बाद से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को हुए इस भयंकर भू-धंसान ने लगभग 1000 लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। एक रात में सब कुछ बदल गया है। जो घर कल तक सुरक्षित लगते थे, आज उनके दरवाजे तक जाना भी मना है। कई परिवारों के जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और बच्चों की मार्कशीट अब भी घरों के अंदर फंसे हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया है और लोगों को अपने घरों में लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस स्थिति ने लोगों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। उनके लिए सिर्फ भोजन की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि वे अपने जरूरी दस्तावेज कैसे प्राप्त करेंगे और बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा।
भू-धंसान के बाद प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक अस्थायी समाधान है। विधायक पार्थ घोष और पूर्व विधायक गौरांग चटर्जी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और ECL पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इस इलाके में भू-धंसान की आशंका पहले से जताई जाती रही थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। स्थानीय लोग भी इस स्थिति से नाराज हैं और उनका मानना है कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही लापरवाही का परिणाम है। बारिश के मौसम में इस इलाके में भू-धंसान का खतरा पहले भी सामने आ चुका था, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।
















