Haryana Asha Workers' Demands: हरियाणा में आशा वर्करों की मांगों पर नायब सरकार का भरोसा, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए समाधान के निर्देश

हरियाणा के चंडीगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आंदोलनरत आशा वर्करों की मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक
हरियाणा के चंडीगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आंदोलनरत आशा वर्करों की मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (पुरुष/महिला) और आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। बैठक में लंबित मांगों, कार्यस्थल की समस्याओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मचारियों की सभी न्यायोचित मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। यह बैठक स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक आरएस ढिल्लो और निदेशक डा. वीरेंद्र यादव जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आशा वर्कर और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान आशा वर्कर यूनियन ने कई प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं। इनमें केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 में घोषित 1,500 रुपये की वेतन वृद्धि को लागू करना, आशा वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा प्रदान करना या तब तक 30,000 रुपये न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा लाभ देना शामिल हैं। इसके अलावा, मातृत्व एवं चिकित्सा अवकाश, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करना, वेतन को महंगाई भत्ते से जोड़ना, राशन मनी और त्योहार बोनस, हड़ताल अवधि में काटे गए मानदेय की बहाली तथा आयुष्मान भारत के तहत बेहतर उपचार की व्यवस्था जैसी मांगें भी उठाई गईं। ये सभी मांगें आशा वर्करों के कार्य और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं।
















