Bank's Recovery Action on Deceased Person: मुजफ्फरपुर में मृत व्यक्ति से कर्ज वसूलने निकला बैंक, रिकवरी शुरू करने पर बैंक पर 50 हजार का जुर्माना

मुजफ्फरपुर में एक बैंक की लापरवाही ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक ने एक मृत व्यक्ति के नाम पर रिकवरी नोटिस जारी कर दिया। यह घटना उ
मुजफ्फरपुर में एक बैंक की लापरवाही ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक ने एक मृत व्यक्ति के नाम पर रिकवरी नोटिस जारी कर दिया। यह घटना उस समय की है जब शंभू प्रसाद सिंह और उनके भाई अभिषेक सिंह ने वर्ष 2017 और 2019 में बैंक ऑफ इंडिया की मोतीझील शाखा से बाबा सोमेश्वर ऑटोमोबाइल के नाम पर 60 लाख रुपये का ऋण लिया था। बैंक ने वर्ष 2022 में इस खाते को एनपीए घोषित कर दिया था। इसके बाद, बैंक ने सितंबर 2022 में संपत्ति के गारंटर सत्यनारायण सिंह के नाम पर रिकवरी नोटिस जारी किया, जबकि सत्यनारायण सिंह का निधन 26 अक्टूबर 2020 को हो चुका था। इस मामले में शंभू प्रसाद सिंह ने पहले ही बैंक को उनके पिता की मृत्यु की सूचना दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद बैंक ने मृत व्यक्ति के नाम पर कार्रवाई जारी रखी।
इस मामले में शंभू प्रसाद सिंह ने नवंबर 2022 में रिकवरी ट्रिब्यूनल पटना में याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने गलत तरीके से खाते को एनपीए घोषित किया और ऋण का हिसाब भी सही तरीके से नहीं किया। ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बैंक की रिकवरी प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए रद कर दिया। इसके साथ ही, बैंक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह निर्णय बैंक की लापरवाही को उजागर करता है और यह दर्शाता है कि कैसे बैंकों को अपने कार्यों में अधिक सतर्क रहना चाहिए।
















