Gen-Z की ताकत से बदली सियासत?: युवाओं पर दलों का फोकस; भाजपा इंस्टाग्राम पर, सपा शुरू करेगी जेन संवाद

जेन-जी की ताकत ने राजनीतिक परिदृश्य को एक नई दिशा दी है। अब राजनीतिक दल इस ताकत को पहचानते हुए अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं। युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर
जेन-जी की ताकत ने राजनीतिक परिदृश्य को एक नई दिशा दी है। अब राजनीतिक दल इस ताकत को पहचानते हुए अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं। युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए दलों ने इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लेना शुरू कर दिया है। 18 से 29 साल के युवा, जो छात्र, प्रोफेशनल्स और बेरोजगार हैं, उनके साथ जुड़ने का प्रयास अब राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बन गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए तीन वीडियो संदेश इंस्टाग्राम पर साझा किए। इसके माध्यम से भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने अभियान को और प्रभावी बनाने की योजना बना रही है। पार्टी को यह निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बढ़ाएं, जहां युवा सबसे अधिक सक्रिय हैं। इस प्रकार, भाजपा अपने विरोधियों के हमलों का जवाब देने के साथ-साथ युवाओं के बीच अपनी पैठ भी बढ़ाना चाहती है।
समाजवादी पार्टी (सपा) भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 'जेन-जेड संवाद' की शुरुआत करने जा रही है। यह सपा के विजन इंडिया अभियान का विस्तार माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को पार्टी में अधिक जिम्मेदारी देना है। कांग्रेस भी इस दिशा में अपने विशेष अभियान की योजना बना रही है, ताकि वह युवाओं से जुड़ सके। दूसरी ओर, बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के उपाध्यक्ष आकाश आनंद को युवाओं से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस प्रकार, सभी प्रमुख राजनीतिक दल अब युवाओं की ताकत को पहचानते हुए उनके मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।


















