Corruption Case in Bihar: सरकारी बाबू की 12 साल में 10 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

सासाराम (रोहतास) से मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई (eou) ने लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ठिकानों पर छापामारी की है। इस
सासाराम (रोहतास) से मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ठिकानों पर छापामारी की है। इस छापामारी में 12 साल की नौकरी के दौरान अर्जित की गई अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसने सभी को चौंका दिया है। कार्यपालक अभियंता के पास से 10 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति, आधा किलो सोना, 21 बैंक पासबुक, चार फ्लैट, नौ लाख रुपये नकद, और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों में जमीन निवेश से संबंधित कागजात और बीमा कंपनियों में निवेश के लिए 17 पालिसी शामिल हैं। यह छापामारी सासाराम स्थित उनके सरकारी कार्यालय, डेहरी में उनके सरकारी आवास, और उनके ससुराल में की गई। इस मामले में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम कार्यपालक अभियंता की सास मीरा जायसवाल के बैंक खाते में भी जाती थी।
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके सरकारी आवास पर लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कार्यपालक अभियंता ने अपनी आय से 85 गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह मामला तब सामने आया जब ईओयू के डीएसपी विजय कुमार गुप्ता ने छापामारी की योजना बनाई। कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी लगभग डेढ़ साल से सासाराम में पदस्थापित थे और उनका मूल निवास बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पीपराडीह गांव में है। इस मामले ने सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया है।
















