Government's Major Decision on 11 Satellite Townships: बिहार में 11 सेटेलाइट टाउनशिप पर सरकार का बड़ा फैसला

बिहार सरकार ने 11 प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, इन क्षेत्रों में विकास योजना यानी मास्
बिहार सरकार ने 11 प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, इन क्षेत्रों में विकास योजना यानी मास्टर प्लान के अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण फिर से शुरू किया जाएगा। यह कदम राज्य में विकास को गति देने के लिए उठाया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब भूमि से संबंधित प्रक्रियाएं जैसे लैंड पुलिंग, भूमि क्रय और भू-अर्जन भी प्रारंभ की जाएंगी। वर्तमान में, इन सेटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है, जिसके कारण भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगी हुई थी। यदि किसी किसान या भू-स्वामी को अपनी भूमि बेचने की आवश्यकता है, तो वह केवल बिहार राज्य आवास बोर्ड को आवेदन देकर अपनी भूमि बेच सकता है। इसका मतलब है कि मास्टर प्लान के तैयार होने तक आवास बोर्ड ही जरूरतमंदों से भूमि की खरीद करेगा। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि भूमि का लेन-देन बिना किसी बाधा के हो सके।
सरकार का कहना है कि मास्टर प्लान के अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि के लेन-देन पर लगी रोक समाप्त कर दी जाएगी। इससे विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में आसानी होगी और सेटेलाइट शहरों के निर्माण का कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकेगा। आदेश के अनुसार, यदि विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद यह स्पष्ट हो जाए कि भूमि की खरीद-बिक्री की अनुमति देने से विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे, तो बिहार नगर विकास प्राधिकरण अंतिम प्रकाशन से पहले भी इस संबंध में निर्णय ले सकता है। इससे आम लोगों, भू-स्वामियों और निवेशकों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और लोगों को अपनी भूमि के लेन-देन में राहत मिले।
















