Verification of Ration Cards: यूपी में कार और बड़ी जमीनों के मालिक भी ले रहे गरीबों का राशन

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है, जहां कई लोग, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, फिर भी गरीबों के लिए आवंटित मुफ्त राशन का लाभ
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है, जहां कई लोग, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, फिर भी गरीबों के लिए आवंटित मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं। इन लोगों में ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जिन्होंने लाखों की संपत्ति खरीदी है, निजी मोटरसाइकिलों का उपयोग कर रहे हैं और आयकर रिटर्न भी दाखिल कर रहे हैं। इसके बावजूद, ये लोग राशन कार्ड धारक बने हुए हैं और गरीबों के लिए निर्धारित राशन का उपयोग कर रहे हैं। की-परफार्मेंस इंडिकेटर (केपीआई) के माध्यम से इन संदिग्ध राशन कार्ड धारकों की पहचान की गई है, जिसके तहत 2.35 लाख राशन कार्ड धारकों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद, अपात्रों के राशन कार्ड को निरस्त किया जाएगा।
प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद रणवीर प्रसाद ने बताया कि की-परफार्मेंस इंडिकेटर के माध्यम से 56.94 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई थी। इनमें से 35.37 लाख राशन कार्ड कुछ महीने पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। अब 2.35 लाख अपात्र लाभार्थियों का सत्यापन जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक लाभार्थी का डेटा आधार नंबर से जुड़ा हुआ है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक सटीकता मिलती है। जब कोई व्यक्ति कार, मोटरसाइकिल या भूमि की खरीद-फरोख्त करता है और आयकर दाखिल करता है, तो उसका डेटा केंद्र सरकार की 18 की-परफार्मेंस इंडिकेटर्स पर आ जाता है। इस सूचना के आधार पर राज्य सरकार को सूचित किया जाता है।
















