Bomb Making Instructions Found in Ayodhya College: अयोध्या के कॉलेज में पर्चे पर लिखा मिला बम बनाने का तरीका! मचा हड़कंप, हिरासत में तीन छात्र

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शनिवार सुबह कॉलेज के एक्स-रे विभाग की एक दराज से बम
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शनिवार सुबह कॉलेज के एक्स-रे विभाग की एक दराज से बम बनाने की कथित विधि से जुड़ा एक संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुआ। जैसे ही यह मामला सामने आया, कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस तुरंत जांच में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार सुबह करीब आठ बजे सामने आई। एक्स-रे विभाग के इंचार्ज जब अपनी रूटीन ड्यूटी संभालने के लिए पहुंचे, तो उन्होंने वहां मौजूद एक दराज खोली। दराज के अंदर एक पेपर रखा था, जिस पर कथित तौर पर बम बनाने का पूरा तरीका और उसका लेआउट बना हुआ था। इंचार्ज ने बिना देरी किए इस संदिग्ध दस्तावेज की जानकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अरविंद सिंह ने तुरंत स्थानीय पुलिस को फोन किया और पूरे मामले की जानकारी दी। प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि शुक्रवार की पूरी रात एक्स-रे रूम में फर्स्ट ईयर के एक छात्र की ड्यूटी थी। इस छात्र का नाम सरफराज बताया जा रहा है, जो बलरामपुर जिले का निवासी है। पुलिस को आशंका है कि रात की ड्यूटी के दौरान यह लेआउट इसी छात्र ने तैयार किया था या वह इसमें शामिल हो सकता है।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक स्पेशल टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची और संदिग्ध दस्तावेज को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध छात्र सरफराज को हिरासत में ले लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शुक्रवार रात की ड्यूटी के दौरान सरफराज के साथ दो अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। पुलिस ने अस्पताल परिसर से ही अभिषेक नाम के एक अन्य युवक को हिरासत में लिया है, जबकि संतोष नाम के एक और व्यक्ति से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में इन दोनों की क्या भूमिका थी। क्या इन्हें इस दस्तावेज के बारे में पहले से कोई जानकारी थी।
















