CAG raises major questions on Delhi government: GST, बिजली सब्सिडी और ई-प्रोक्योरमेंट पर रिपोर्ट

केंद्र सरकार के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (cag) ने दिल्ली सरकार के बिजली सब्सिडी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिजली सब्सिडी 2,405.59 कर
केंद्र सरकार के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने दिल्ली सरकार के बिजली सब्सिडी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिजली सब्सिडी 2,405.59 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 3,161 करोड़ रुपए हो गई है। CAG के मुताबिक, इस सब्सिडी का लाभ लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मिला, जिसमें 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लंबे समय तक शून्य खपत के बावजूद 17.81 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई।
दिल्ली सरकार की ई-खरीद प्रणाली में भी कई कमियों का खुलासा हुआ है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा जूनियर इंजीनियर परीक्षा पर 1.05 करोड़ रुपए का निष्फल खर्च पाया गया। CAG ने ई-खरीद प्रणाली में मजबूत सत्यापन और आंतरिक नियंत्रण लागू करने की सिफारिश की है, जिससे भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
दिल्ली विधानसभा में दिल्ली लक्ष्मी योजना पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सुशासन और विकास की नई दिशा मिली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया और चुनाव निकट आने पर ही बजट में राशि का प्रावधान किया गया। सूद ने यह भी कहा कि दिल्ली में बिजली, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, और वर्तमान सरकार ने बिजली की रिकॉर्ड मांग को बिना किसी कटौती के पूरा किया है।
















