Clash between President and Prime Minister in Pakistan: राष्ट्रपति जरदारी के बिना जजों की नियुक्ति का मामला गहराया

पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री के बीच जजों की नियुक्ति को लेकर टकराव गहरा गया है। पेशावर हाई कोर्ट के चार और लाहौर हाई कोर्ट के एक अति
पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री के बीच जजों की नियुक्ति को लेकर टकराव गहरा गया है। पेशावर हाई कोर्ट के चार और लाहौर हाई कोर्ट के एक अतिरिक्त जज की सेवा को स्थायी करने तथा सिंध हाई कोर्ट के एक जज के कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन राष्ट्रपति जरदारी ने अब तक इस प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं किया है, जिसके कारण कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 48(1) के तहत राष्ट्रपति को प्रस्ताव मिलने के दो हफ्ते के भीतर कार्रवाई करनी होती है। चूंकि यह समय सीमा बीत चुकी है, इसलिए सरकार अब खुद नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों ने चेतावनी दी है कि इस प्रक्रिया को दरकिनार करने से राजनीतिक और कानूनी संकट उत्पन्न हो सकता है।
इस बीच, वकील लुकमान जफर चौधरी ने अपने वकील जाहिद आसिफ चौधरी के माध्यम से एक रिट याचिका दायर की है। याचिका में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि वे जजों की नियुक्तियों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा भेजी गई समरी को मंजूरी दें। जस्टिस अरबाब मुहम्मद ताहिर ने गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई की।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि JCP ने 20 और 21 जुलाई को हुई अपनी बैठकों में इन नियुक्तियों की सिफारिश की थी। उन्होंने यह भी कहा कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी राष्ट्रपति ने इस समरी को मंजूरी नहीं दी है। खबरों के अनुसार, सरकार अगले 48 घंटों में नियुक्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी कर रही है।
















