Caste Census in India: आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना 17 अगस्त से शुरू होगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में जातिगत जनगणना का निर्णय लिया गया है, जो आजादी के बाद पहली बार हो रहा है। यह जनगणना 17 अगस्त से शुरू होगी, जिसमें घर-घर जाकर जन
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में जातिगत जनगणना का निर्णय लिया गया है, जो आजादी के बाद पहली बार हो रहा है। यह जनगणना 17 अगस्त से शुरू होगी, जिसमें घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती की जाएगी। इसके तहत 17 से 31 अगस्त तक लोगों को खुद जानकारी भरने का विकल्प दिया जाएगा, जिसे सेल्फ एन्यूमरेशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बर्फबारी वाले क्षेत्रों से होगी, जबकि अन्य राज्यों में जनसंख्या गणना का चरण अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। जनगणना के इस महत्वपूर्ण चरण में जाति संबंधी आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जो कि भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार है।
भारत की जनगणना के मुख्य चरण में जाति संबंधी आंकड़े एकत्र करने का निर्णय लिया गया है, जो कि 2027 के जनगणना के दूसरे चरण का हिस्सा है। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच की जाएगी। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक संशोधन चरण चलेगा। इस दौरान ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प 17 से 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेगा। इन क्षेत्रों के लिए रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर 2026 की आधी रात तय की गई है। देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या गणना का चरण अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है।
















