Candidates of Chandra Shekhar: बदर अली और बाबर चौहान, जिन्हें सपा को पटखनी देने के लिए मेरठ से बनाया प्रत्याशी

मेरठ जिले की राजनीति में आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन सीटों के लिए अपने प्रभारी घोषित किए हैं। इनमें से दो सीटें मुस्लिम समुदाय से
मेरठ जिले की राजनीति में आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन सीटों के लिए अपने प्रभारी घोषित किए हैं। इनमें से दो सीटें मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं, जबकि एक सीट अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। शहर सीट से बदर अली को प्रभारी बनाया गया है, जबकि किठौर सीट से बाबर चौहान खरदौनी को चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा कैंट सीट से संजीव पाल को भी प्रभारी नियुक्त किया गया है। इन प्रभारियों की घोषणा के बाद मेरठ शहर और किठौर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर शहर सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रफीक अंसारी का लगातार दो बार जीतना और मुस्लिम वोट बैंक की अधिकता ने आसपा के लिए चुनौती पेश की है। बदर अली को इस सीट पर चुनावी उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है।
बदर अली, जो शहर में एक चर्चित चेहरा हैं, का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। नगर निगम के चुनाव में उनकी युवा सेवा समिति ने पांच पार्षदों को जीत दिलाई थी, जिससे उनकी राजनीतिक पहचान बनी। हालांकि, उनके खिलाफ हिंसक आंदोलन भड़काने के आरोप भी लगे हैं। 2019 में एक प्रदर्शन के दौरान उन पर 22 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। सपा में कुछ समय बिताने के बाद, बदर अली ने आसपा में शामिल होने का निर्णय लिया। उनकी राजनीतिक यात्रा ने उन्हें एक विवादास्पद लेकिन प्रभावशाली नेता बना दिया है, जो अब सपा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
















