Cyber Crime: विदेशी साइबर अपराधियों को टेलीग्राम से बेचते थे बैंक खाते, 53 लाख के लेनदेन का खुलासा; जांच तेज

साइबर अपराध से जुड़े एक गिरोह की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इस मामले में पहले से गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत
साइबर अपराध से जुड़े एक गिरोह की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इस मामले में पहले से गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के भीखमपुर निवासी प्रशांत सिंह और कमलेश कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में यह सामने आया है कि 12 से 15 जनवरी के बीच महज चार दिनों में कमलेश और सुजल सिंह के कोटक महिंद्रा बैंक खातों में लगभग 53 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस के अनुसार, कमलेश, प्रशांत और सुजल सिंह आपस में करीबी मित्र थे, लेकिन करीब छह महीने पहले रुपयों के लेनदेन को लेकर इन तीनों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। इस विवाद के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो पता चला कि इस गिरोह में मिर्जापुर निवासी आदर्श चौबे, आजमगढ़ निवासी आशीष यादव और वाराणसी के नरिया निवासी युवराज भी शामिल थे। पुलिस ने आदर्श चौबे की आई-20 कार और आशीष यादव की थार गाड़ी भी बरामद की है। इन वाहनों की बरामदगी से गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में मदद मिली है।
जांच के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले बैंक खाते उपलब्ध कराने पर आठ प्रतिशत कमीशन प्राप्त करते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इस लालच में गिरोह लगातार नए लोगों को अपने जाल में फंसाता रहा। आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि वे टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपने नेटवर्क को बढ़ाते थे और नए ग्राहकों को आकर्षित करते थे। गिरोह के सदस्य अपने ग्राहकों को यह विश्वास दिलाते थे कि वे सुरक्षित और लाभकारी लेनदेन कर सकते हैं, लेकिन असल में वे केवल धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
















