Divorce Case in Ranchi: पति की तलाक याचिका हाई कोर्ट ने खारिज की

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण मामले में पति द्वारा दायर तलाक की अपील को खारिज कर
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण मामले में पति द्वारा दायर तलाक की अपील को खारिज कर दिया है। इस मामले में साहिबगंज फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अदालत ने कहा कि पति अपनी पत्नी के खिलाफ लगाए गए क्रूरता और परित्याग के आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। इस प्रकार, तलाक देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। यह अपील साहिबगंज फैमिली कोर्ट द्वारा 23 फरवरी 2023 को पारित उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें पति की तलाक याचिका को खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति को अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों को साबित करने में कोई सफलता नहीं मिली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तलाक की मांग का आधार कमजोर है।
पति ने अदालत में दावा किया था कि वर्ष 2008 में विवाह के बाद उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराया और लंबे समय से अलग रहने का आरोप लगाया। उसने यह भी कहा कि पत्नी ने वैवाहिक जीवन निभाने से इनकार कर दिया था, जिसे उसने मानसिक क्रूरता और परित्याग के रूप में पेश किया। दूसरी ओर, पत्नी ने अदालत को बताया कि पति ने विवाह से पहले शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए थे, लेकिन गर्भवती होने के बाद उसने शादी से इनकार कर दिया। परिवार के हस्तक्षेप के बाद विवाह हुआ, लेकिन पत्नी ने पति पर दुर्व्यवहार और विवाहेतर संबंधों का आरोप लगाया। उसने कहा कि यदि पति उसे सम्मानपूर्वक रखे, तो वह उसके साथ रहने को तैयार है।
















