Conversion racket in Ambedkarnagar: रुपये का लालच देकर पिता-पुत्र कराते थे मतांतरण

अंबेडकरनगर में एक चर्च में गरीब परिवारों को रुपये का प्रलोभन देकर मतांतरण कराने के आरोप में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन दोनों के पास से 1250
अंबेडकरनगर में एक चर्च में गरीब परिवारों को रुपये का प्रलोभन देकर मतांतरण कराने के आरोप में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन दोनों के पास से 1250 धार्मिक पुस्तकें, चर्च सामग्री रजिस्टर, प्रार्थना रजिस्टर और सदस्यता रसीदें बरामद की हैं। यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठनों के नेताओं ने पुलिस को सूचना दी कि रतनपुर मुहल्ले में सेंट थामस विलियर्स इस्टर्न चर्च में एक साल पहले प्रार्थना सभा की आड़ में हिंदू समुदाय के लोगों का मतांतरण किया जा रहा था। पुलिस ने पहले भी चर्च के फादर को गिरफ्तार किया था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया था। पुलिस ने जब चर्च में पहुंचकर प्रार्थना सभा को बंद करने का प्रयास किया, तो वहां 200 से अधिक महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। पुलिस ने दोबारा पहुंचकर प्रार्थना सभा को बंद कराया और वहां उपस्थित लोगों से बातचीत की।
पुलिस ने दारोगा अशरफ खान के प्रार्थना पत्र पर बसखारी के मकोइया गांव के फादर प्रमोद कुमार के खिलाफ विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस को बसखारी के पटना मुबारकपुर गांव में चर्च के बारे में जानकारी मिली। विवेचना के दौरान, चर्च के फादर नेबूलाल और उसके पुत्र अंजीत कुमार का नाम पुलिस ने मुकदमे में बढ़ाकर रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में चर्च के फादर को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया था। अब इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपित पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
















