Supreme Court agrees to hear PIL: जंतर-मंतर अब विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है, जिसमें यह कहा गया है कि दिल्ली का जंतर-मंतर अब विरोध प्र
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है, जिसमें यह कहा गया है कि दिल्ली का जंतर-मंतर अब विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं रह गया है। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि जंतर-मंतर पर लगातार हो रहे प्रदर्शनों के कारण वहां की स्थिति असामान्य हो गई है और इससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे प्रदर्शनों के लिए कोई वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए, जहां लोग अपनी आवाज उठा सकें। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा है कि वे इस याचिका पर उचित निर्देश लें और इसके संबंध में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला संवेदनशील है और इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
इस पीआईएल के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि सरकार को विरोध प्रदर्शनों के लिए एक स्थायी और सुरक्षित स्थान निर्धारित करना चाहिए, ताकि प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके, लेकिन साथ ही साथ आम जनता की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके। जंतर-मंतर का स्थान ऐतिहासिक रूप से विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है, लेकिन अब वहां की स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि एक नया स्थान निर्धारित किया जाए। इस याचिका के माध्यम से यह भी सुझाव दिया गया है कि दिल्ली में ऐसे स्थानों की पहचान की जाए, जहां लोग बिना किसी बाधा के अपने विचार व्यक्त कर सकें।
















