Court Acquits Murder Convict After 25 Years: पंजाब-हरियाणा HC ने हत्या के दोषी को बरी किया

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में 25 वर्ष पुराने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक दोषी को बरी कर दिया है। अदालत ने स्पष्
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में 25 वर्ष पुराने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक दोषी को बरी कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पाया कि अभियोजन पक्ष न तो परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी श्रृंखला स्थापित कर सका और न ही यह साबित कर पाया कि हत्या केवल आरोपित ने ही की थी। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपित को संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए। यह मामला 26 अक्टूबर 2001 को दर्ज एफआईआर से संबंधित था, जिसमें सोनीपत निवासी नरेश उर्फ काला को आरोपी बनाया गया था।
अभियोजन के अनुसार, दलबीर की हत्या 25-26 अक्टूबर 2001 की रात को हुई थी। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला 'लास्ट सीन', अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति और खून से सने कपड़ों की बरामदगी पर आधारित किया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया कि जिन गवाहों के आधार पर अभियोजन ने अपनी कहानी बनाई थी, वे सभी अदालत में अपने पहले के बयान से मुकर गए और उन्हें शत्रुतापूर्ण घोषित कर दिया गया। अदालत ने कहा कि 'लास्ट सीन' सिद्धांत तभी लागू होता है, जब आरोपित और मृतक को अंतिम बार साथ देखे जाने तथा शव मिलने के बीच का अंतर इतना कम हो कि किसी अन्य व्यक्ति के अपराध करने की संभावना ही न बचे। इस मामले में ऐसी कोई स्थिति साबित नहीं हुई।
















