Tourists to Play Golf in Srinagar: हर साल होगा J&K ओपन, CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा ऐलान

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि अब जम्मू-कश्मीर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट (पीजीटीआई) का आ
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि अब जम्मू-कश्मीर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट (पीजीटीआई) का आयोजन हर वर्ष किया जाएगा। यह निर्णय राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देने के लिए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोल्फ टूरिज्म जम्मू-कश्मीर की पर्यटन नीति का एक अहम हिस्सा बनने जा रहा है। इसके साथ ही, प्रदेश में युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक गोल्फ अकादमी की स्थापना भी की जाएगी। यह कदम न केवल खेल को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य के पर्यटन उद्योग को भी मजबूती प्रदान करेगा। श्रीनगर के रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स (आरएसजीसी) में आयोजित जेएंडके ओपन 2026 (पीजीटीआई) के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस टूर्नामेंट को भारत के गोल्फ कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कश्मीर, विशेषकर रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स को देश के गोल्फ मानचित्र पर फिर से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका उद्देश्य इसे केवल एक बार का आयोजन नहीं, बल्कि हर साल होने वाला टूर्नामेंट बनाना है। आने वाले वर्षों में इसकी पुरस्कार राशि और खिलाड़ियों की भागीदारी को भी बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम से कम अगले पांच वर्षों तक इसे नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में गोल्फ टूरिज्म का नया चलन शुरू हो चुका है। अब देश के विभिन्न हिस्सों से खिलाड़ी केवल गोल्फ खेलने के लिए सप्ताहांत में श्रीनगर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोल्फ टूरिज्म हमारी पर्यटन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग गोल्फ खेलने के लिए श्रीनगर आएं, जिससे यहां का पर्यटन उद्योग और भी मजबूत हो सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार जम्मू-कश्मीर में गोल्फ अकादमी स्थापित करने की योजना बना रही है ताकि युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारे लड़के और लड़कियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर और प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। यदि अधिक टूर्नामेंट आयोजित किए जाएं और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हों, तो हमारे युवा देश का प्रतिनिधित्व उच्च स्तर पर कर सकते हैं।
















