NGT Takes Cognizance in Sirmaur: सिरमौर जिले में नदियों किनारे निर्माण पर एनजीटी का संज्ञान

राज्य ब्यूरो, शिमला। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नदियों और जल स्रोतों के निकट कथित अवैध निर्म
राज्य ब्यूरो, शिमला। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नदियों और जल स्रोतों के निकट कथित अवैध निर्माण और पर्यावरणीय उल्लंघनों के आरोपों की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया है। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि नदी और जल स्रोतों के समीप खनन निरीक्षण चौकी और वजन पुल (वेब्रिज) का निर्माण किया गया है, साथ ही मलबा भी डंप किया गया है। एनजीटी ने कहा है कि इन आरोपों की सत्यता और पर्यावरणीय मानकों के संभावित उल्लंघन की पुष्टि के लिए स्थल का निरीक्षण आवश्यक है। एनजीटी के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कितनी गंभीर है।
प्राधिकरण ने सिरमौर के जिला मजिस्ट्रेट (उपायुक्त) को निर्देश दिए हैं कि वे आवेदक की शिकायत पर नियमानुसार विचार करें। यदि जांच में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो दो माह के भीतर आवश्यक सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह आदेश 31 जुलाई को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ द्वारा पारित किया गया है। एनजीटी का यह निर्णय न केवल सिरमौर जिले में बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
















