Court intervention in Jaunpur case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूल्हा हत्याकांड में मकान गिराने पर लगाई रोक

जौनपुर के दूल्हा हत्याकांड से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव के मकान को ध्
जौनपुर के दूल्हा हत्याकांड से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव के मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही तहसीलदार और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित बेदखली और हर्जाने से संबंधित आदेशों के प्रभाव और क्रियान्वयन पर भी स्टे लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस चन्द्र कुमार राय की सिंगल बेंच में हुई। अदालत ने तहसीलदार के 4 जून 2026 और जिला मजिस्ट्रेट के 29 जून 2026 को जारी आदेशों के प्रभाव और उनके क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का आदेश दिया है।
इस मामले में याचिका मृतक रवि यादव के पिता ने अपने अधिवक्ता डॉ. गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि उनका परिवार भूमिधरी गाटा संख्या 625 पर वैध रूप से कब्जाधारी है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पास स्थित गाटा संख्या 624 राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है और उस भूमि से उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है। इसलिए उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। याचिकाकर्ता ने अदालत में यह भी कहा कि तहसीलदार ने बिना समुचित सुनवाई का अवसर दिए एकपक्षीय तरीके से बेदखली और हर्जाने का आदेश पारित कर दिया। इसके बाद दायर अपील को भी मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया।
















