Court Orders Return of Illegal Toll Tax: झारखंड हाई कोर्ट ने अवैध टोल टैक्स की राशि लौटाने का दिया निर्देश

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कोयला ढुलाई के दौरान वसूले गए अवैध टोल टैक्स की वापसी से संबंधित
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कोयला ढुलाई के दौरान वसूले गए अवैध टोल टैक्स की वापसी से संबंधित मामले में राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोल इंडिया की सहायक कंपनी सीसीएल द्वारा वसूली गई टोल टैक्स की राशि, जो कि राज्य सरकार के पास जमा की गई है, उसे सीसीएल को वापस करना होगा। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक शपथपत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करे कि यह राशि कब तक सीसीएल को लौटाई जाएगी। यह मामला विनायक सपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया गया। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने अदालत में अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह सरकार से निर्देश प्राप्त कर बताएंगे कि राशि कितने दिनों में वापस की जा सकती है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के टोल टैक्स रूल्स-2021 के तहत सीसीएल ने कोयला ढुलाई करने वालों से टोल टैक्स की वसूली की थी। यह राशि 26 अक्टूबर 2021 से 15 अप्रैल 2022 तक लगभग सात माह के दौरान 60 रुपये प्रति टन की दर से वसूली गई थी। सुनवाई के दौरान सीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि टोल टैक्स के रूप में वसूली गई राशि उसने राज्य सरकार के पास जमा करा दी थी। अदालत ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट पहले ही एक मामले में राज्य सरकार के इस टोल टैक्स को अवैध करार दे चुका है।
















