Court Rejects Bail: हाई कोर्ट ने CGPSC घोटाले में पूर्व सचिव की जमानत खारिज की

जेएनएन, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में गिरफ्तार आयोग के पूर्व सचिव और सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की नियमित जमानत याचिका को ह
जेएनएन, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में गिरफ्तार आयोग के पूर्व सचिव और सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की नियमित जमानत याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र लीक करना हत्या से भी बड़ा अपराध है। अदालत का यह निर्णय इस बात को दर्शाता है कि इस प्रकार के अपराधों के गंभीर परिणाम होते हैं, जो केवल एक व्यक्ति या परिवार को नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हिस्से को प्रभावित करते हैं। इससे लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद होता है, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में न्यायालय का यह निर्णय युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि यह अपराध केवल एक परिवार को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे समाज और व्यवस्था पर गहरा असर डालता है। अदालत ने यह टिप्पणी भी की कि यदि बाड़ ही खेत को खाने लगे तो न्याय कहां से मिलेगा। इस संदर्भ में, सीबीआइ की जांच के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2021 में गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी के बावजूद, ध्रुव ने मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र अपने बेटे सुमित ध्रुव को उपलब्ध कराए। यह एक गंभीर आरोप है, जो न केवल ध्रुव की व्यक्तिगत नैतिकता पर सवाल उठाता है, बल्कि पूरे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है।

















