Smart Parking Issues in Chandigarh: चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग के मुद्दे उठे, सुरक्षा की कमी

चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम पार्किंग शुल्क तो पूरी तत्परता से वसूलता है, लेकिन यदि किसी वाहन की चोरी हो जाती ह
चंडीगढ़ में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम पार्किंग शुल्क तो पूरी तत्परता से वसूलता है, लेकिन यदि किसी वाहन की चोरी हो जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी लेने से साफ इन्कार कर देता है। यह स्थिति नागरिकों के लिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि उन्हें न केवल पार्किंग शुल्क चुकाना पड़ता है, बल्कि वाहन की सुरक्षा का भरोसा भी नहीं मिलता। यदि किसी कारणवश पार्किंग की पर्ची खो जाती है, तो वाहन मालिक को 100 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है, लेकिन लाखों रुपये का वाहन चोरी होने पर निगम की ओर से कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती। यह स्थिति नागरिकों के लिए बेहद निराशाजनक है, क्योंकि उन्हें अपनी गाड़ी की सुरक्षा के लिए कोई ठोस उपाय नहीं मिलते हैं।
सेक्टर-39 के निवासी मोहित गुप्ता ने इस समस्या का सामना किया। उन्होंने 23 जुलाई को अपनी एक्टिवा को नगर निगम की अधिकृत पार्किंग में खड़ा किया और शुल्क का भुगतान किया। लेकिन जब वह शाम को लौटे, तो उनकी एक्टिवा गायब थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया, लेकिन पुलिस ने केवल ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सलाह दी और वहां से चली गई। जब मोहित ने पार्किंग संचालक से जवाब मांगा, तो उन्हें बताया गया कि पार्किंग से वाहन चोरी होने पर उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस प्रकार, पार्किंग शुल्क वसूलने वाले हाथ खड़े कर देते हैं और पीड़ित को अपने हाल पर छोड़ देते हैं।
















