Court Sentences Relative for Rape: मूकबधिर किशोरी से दुष्कर्म के मामले में तयेरे भाई को 10 साल की सजा

अलीगढ़ में एक शर्मनाक घटना के तहत, एक मूकबधिर किशोरी के साथ छह साल तक दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। पाक्सो कोर्ट ने किशोरी के तयेरे
अलीगढ़ में एक शर्मनाक घटना के तहत, एक मूकबधिर किशोरी के साथ छह साल तक दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। पाक्सो कोर्ट ने किशोरी के तयेरे भाई हिमांशु को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उसे एक लाख रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया है। यह मामला रिश्तों को शर्मसार करने वाला है और समाज में इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाता है। अभियोजन अधिकारी महेश सिंह और रघुवंश शर्मा के अनुसार, यह मामला 2013 का है, जब एक व्यापारी ने अपने कारोबार में मदद के लिए अपने परिवार के युवक हिमांशु को काम पर रखा था। व्यापारी की 17 वर्षीय बेटी जन्म से ही मूक और बधिर थी। आरोप है कि हिमांशु ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए किशोरी का यौन शोषण किया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। किशोरी के साथ हुई इस घटना ने उसके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला। घटना के अंतिम वर्षों में किशोरी अवसाद में रहने लगी थी और आरोपित को देखते ही वह घबरा जाती थी। इस पर परिवार को शक हुआ और उन्होंने हिमांशु को घर आने से रोक दिया। इसके बाद, किशोरी की मां ने इशारों की भाषा में उससे बातचीत की, जिसमें किशोरी ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने इशारों में आत्महत्या करने की इच्छा भी जताई थी, जिससे परिवार और भी चिंतित हो गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पिता ने पुलिस में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान, पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय ने विशेष ट्रांसलेटर की सहायता ली। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद, विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अभिषेक कुमार बगड़िया की अदालत ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद, आरोपित को जेल भेज दिया गया। इस मामले ने समाज में मूकबधिरों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा के मुद्दों को भी उजागर किया है, और यह आवश्यक है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
















